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हरियाली अमावस्या 2016- पर्यावरण के संरक्षण का महत्व (वृक्षारोपण प्रथा)

हरियाली अमावस्या 2016 पर्यावरण के संरक्षण का महत्व ( वृक्षारोपण प्रथा ) श्रावण कृष्ण अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाते हैं यह अमावस्या मंगलवार को पुष्यनक्षत्र में मनाई जाएगी तथा इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा कर उसके फेरे लगाने तथा मालपुए का भोग लगाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता अनुसार वृक्षों में देवताओं का वास माना गया है। पीपल के वृक्ष में त्रिदेव यानी ब्रह्मा , विष्णु व शिव का वास होता है। इसलिए हर व्यक्ति को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। कहते हैं कि आंवले के पेड़ में लक्ष्मीनारायण के विराजमान की परिकल्पना की गई है। इसके पीछे वृक्षों को संरक्षित रखने की भावना निहित है। इस दिन गुड़ व गेहूं की धानि का प्रसाद बांटा जाता है।   यह शिव - पार्वती पूजन का बड़ा पर्व दिवस है। पर्यावरण को संरक्षित करने की दृष्टि से ही पेड़ पौधों में ईश्वरीय रूप को स्थान दे कर उनकी पूजा का विधान बताया गया है। जल में वरुण देवता की प...

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए वरदान

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए वरदान   सन् 2016   के सावन महीने के बारे में ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कई अदभुत योग जो कि 50 वर्षों के   बाद बने हैं   जिसमें रोजगार में तरक्की , आय में वृद्धि ज्ञान और कृषि के क्षेत्र में उन्नति की संभावनाएं प्रबल हैं एवं कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले जैसे कई ग्रह परिवर्तन भी इसी महीने में हो रहे हैं . सावन में 20 से 18 अगस्त तक कई ग्रह एक स्थान पर रहेंगे और सावन के चारों सोमवार को व्रत और पूजन करने की खास विधि आपको भगवान भोले का आशीर्वाद जरूर दिलाएगी । 20 जुलाई को बुधवार के दिन ही सावन का आगमन प्रतिपदा तिथि और उत्तर आषाढ़ नक्षत्र में होगा । सावन का पहला सोमवार 25 जुलाई को है और यह धृति योग में आएगा . इस दिन शिव की अराधना करने पर जीवन में सभी बाधाएं खत्म होंगी । सावन में घर   में रखें ये 8 चीजें , हर काम में मिलेगा दोगुना फल मिलेगा । कुछ वस्तुएं भगवान शिव क...